मुरादाबाद हवाई अड्डा
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दिवाली के बाद अपने शहर से हवाई जहाज में सफर करने का सपना साकार हो सकता है। लाइसेंस को लेकर डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। डीजीसीए ने जल्द लाइसेंस जारी करने के संकेत दिए हैं। इसे लेकर एएआई भी तैयारियों में जुट गया है।
माना जा रहा है कि मुरादाबाद हवाई अड्डे के बाद अलीगढ़, आजमगढ़ व चित्रकूट हवाई अड्डे का लाइसेंस क्रमवार जारी होगा। मुरादाबाद हवाई अड्डे पर सभी कार्य पूरा हो चुका है लेकिन अन्य जगहों पर कुछ तकनीकी बिंदुओं पर पेंच फंसा हुआ है। ऐसे में लाइसेंस के लिए लगातार इंतजार बढ़ता जा रहा है।
हाल ही में डीजीसीए व एएआई के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है लेकिन डीजीसीए से कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। माना यही जा रहा है कि देरी से ही सही लेकिन शहरवासियों को इस बार त्योहारों का तोहफा मिलेगा। यहां विभागीय जानकारों की मानें तो अब सिर्फ डीजीसीए की ओर से पत्र आना बाकी है, जिसमें लाइसेंस होगा।
इसके बाद शासन स्तर से हवाई अड्डे के लोकार्पण की तारीख तय होगी। प्रक्रिया में अब तेजी इसलिए आई है क्योंकि एयरपोर्ट की स्थिति पर एएआई के मुख्यालय से लेकर सीएम कार्यालय की भी नजर है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री के पास होने के कारण इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
लाइसेंस मिलने के बाद यहां से लखनऊ व कानपुर के लिए फ्लाइट शुरू होगी। यहां से सप्ताह में हर दिन 19 सीटर विमान उड़ान भरेंगे। लगभग ट्रेन के किराये में लोग फ्लाइट का सफर कर सकेंगे। इन्हें मिलने वाले ट्रैफिक के आधार पर अन्य शहरों के लिए उड़ान शुरू होगी।
मुरादाबाद से मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरू के लिए उड़ान की मांग भी है। विमानन सेवाएं देने के लिए एएआई ने बिग चार्टर कंपनी को चुना है। यहां से लखनऊ के लिए आवागमन ज्यादा होने का कारण शुरुआती उड़ान प्रदेश की राजधानी के लिए ही रहेगी।
भविष्य में 180 सीटर विमान उड़ाने का भी सामर्थ्य
मुरादाबाद हवाई अड्डे से भविष्य में 180 सीटर विमान भी उड़ सकते हैं लेकिन इसके लिए कई तरह की अनुमति लेनी होगी। आसपास के इलाके में भी कई निर्माण व टावर हटवाने पड़ेंगे। फिलहाल लखनऊ व कानपुर के लिए ट्रायल सफल रहा तो बंगलुरू व मुंबई के लिए भी उड़ान शुरू हो सकती है।
जिस तरह यात्रियों की संख्या व मांग बढ़ेगी, उसी तरह फ्लाइट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। हवाई अड्डे का प्रबंधन एएआई के हाथ में ही रहेगा। जबकि अन्य सुविधाएं निजी कंपनी की ओर से दी जाएंगी।
हवाई अड्डे के लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही शहरवासियों को शुभ संदेश मिल सकता है। जैसे ही इस विषय में अपडेट आएगा। लोगों के साथ साझा करेंगे। – गुलाबचंद, एडीएम प्रशासन (हवाई अड्डे के नोडल अधिकारी)
Lohia Nama